Archive for February, 2011

मैंने तेरा साथ पा लिया


मेने तेरा साथ पा लिया
एक नया विश्वास पा लिया
अंत हो गया शिशिर ऋतू का
बासन्ती मधुमास पा लिया
मन मिलने पर तन मिलते है
तन मिलने पर मन मिलते है
तन मन से मिल कर अनजाना
बन जीवन में खास पा लिया
जीवन पथ सुनसान पड़ा था
छाया हुआ घना कोहरा था
परेशान राही ने तुमसे
उज्जवल प्रेम प्रकाश पा लिया
आया टूट कहीं से तारा
दूर किया जीवन अँधियारा
थमी हुयी जीवन की गति ने
एक नया आगाज पा लिया
तुझमे भरा हुआ अपनापन
प्यार,त्याग है और समर्पण
महक गया है मेरा जीवन
तुझ सा हमदम पास पा लिया
मैंने तेरा साथ पा लिया

मेरी प्रिय ,प्रियवर,प्रियतम


हैं अधर मधुर,है बदन मधुर
है रूप मधुर ,यौवन मधुरम
मुस्कान मधुर,है गान मधुर
.तन भी मधुरम, मन भी मधुरम
सुन्दर अलकें,सुन्दर पलकें
सुन्दर आनन्, सुन्दर है तन
सुन्दर नयनम,सुन्दर चितवन
तुम हो सुन्दरतर,सुन्दरतम
तुम रससिक्त ,पूरी रसमय
रसमय बातें ,रसमय चुम्बन
मन हरषाया,जब बरसाया
तुमने मुझ पर,रसमय सावन
हिलना मादक ,मिलना मादक
है श्वास श्वास में मादकपन
तन में प्रकाश, मन में प्रकाश
आलोकित तुमसे ये जीवन
महके तन मन,महके जीवन
तुम हो नंदन वन का चन्दन
तुम्हारे संग ,जीवन में रंग
तुम मेरी प्रिय ,प्रियवर,प्रियतम

तुम मेरी प्रिय ,प्रियवर,प्रियतम


हैं अधर मधुर,है बदन मधुर
है रूप मधुर ,यौवन मधुरम
मुस्कान मधुर,है गान मधुर
.तन भी मधुरम, मन भी मधुरम
सुन्दर अलकें,सुन्दर पलकें
सुन्दर आनन्, सुन्दर है तन
सुन्दर नयनम,सुन्दर चितवन
तुम हो सुन्दरतर,सुन्दरतम
तुम रससिक्त ,पूरी रसमय
रसमय बातें ,रसमय चुम्बन
मन हरषाया,जब बरसाया
तुमने मुझ पर,रसमय सावन
हिलना मादक ,मिलना मादक
है श्वास श्वास में मादकपन
तन में प्रकाश, मन में प्रकाश
आलोकित तुमसे ये जीवन
महके तन मन,महके जीवन
तुम हो नंदन वन का चन्दन
तुम्हारे संग ,जीवन में रंग
तुम मेरी प्रिय ,प्रियवर,प्रियतम

मुझको तेरा प्यार मिल गया


मुझको तेरा प्यार मिल गया
एक नया संसार मिल गया
बहुत अकेला था बिन तेरे
लगा सात ,अग्नि के फेरे
सात जनम संग संग रहने के
सपनो को आकर मिल गया
मुझको तेरा प्यार मिल गया
प्यार भरी जीवन राहों में
तुझको भर अपनी बाहों में
जैसे मैंने चाँद पा लिया
करने को अभिसार मिल गया
मुझको तेरा प्यार मिल गया
पूर्ण हुई इच्छा मन चाही
पाया तुम जैसा हमराही
जीवन पथ पर साथ तुम्हारे ,
चलने का अधिकार मिल गया

प्रेम प्रदर्शन


उषा से बोला सूरज ने,मुझको अच्छी लगती है तू
प्रिया बेन नेप्रेम भाई से,बोला तमने प्यार करूं छूं
आमी तुमाके भालो वासी,सौरभ ने बोला सुरभि से
और दिलजीत कौर ने बोला ,आजा प्यार करें मनजीते
जोड़ी ऊपर से बन कर के ,आती है ये बात अलग है
लेकिन सबके प्रेम प्रदशन ,करने का अंदाज अलग है

कभी कभी मेरा मोबाईल


कभी कभी मेरा मोबाईल
मुझको बड़ी प्रेरणा देता
करो बेटरी को रिचार्ज तुम
जब मुझको संदेशा देता
कभी कभी जब गलती से मै
भटक दायरे से जाता हूँ
नेटवर्क से बाहर हो तुम
वो मुझको झट चेता देता
दिन भर भाग दोड़ से डर कर
स्लीप मोड में मै जाता हूँ
वाईब्रेशन मोड हिला कर
मुझको नयी चेतना देता
इंटरनेट,फेसबुक,ट्विटर
गाने,वीडियो और केमरा,
सारी दुनिया मुट्ठी में है
मुझको बड़ा होंसला देता
कभी कभी मेरा मोबाईल
मुझको बड़ी प्रेरणा देता

,

सत्तरवें जन्म दिन पर


पल पल करके ,गुजर गए दिन,दिन दिन करके ,बरसों बीते
उनसित्तर की उमर हो गयी,लगता है कल परसों बीते
जीवन की आपाधापी में ,पंख लगा कर वक्त उड़ गया
छूटा साथ कई अपनों का ,कितनो का ही संग जुड़ गया
सबने मुझ पर ,प्यार लुटाया,मैंने प्यार सभी को बांटा
चलते फिरते ,हँसते गाते ,दूर किया मन का सन्नाटा
भोला बचपन ,मस्त जवानी ,पलक झपकते ,बस यों बीते
उनसित्तर की उमर हो गयी ,लगता है कल परसों बीते
सुख की गंगा ,दुःख की यमुना,गुप्त सरस्वती सी चिंतायें
इसी त्रिवेणी के संगम में ,हम जीवन भर ,खूब नहाये
क्या क्या खोया,क्या क्या पाया,रखा नहीं कुछ लेखा जोखा
किसने उंगली पकड़ उठाया,जीवन पथ पर किसने रोका
जीवन में संघर्ष बहुत था ,पता नहीं हारे या जीते
उनसित्तर की उमर हो गयी,लगता है कल परसों बीते