नारी दिवस और होली

आज नारी दिवस भी है,

होलिका त्योंहार भी है

पर्व कल था जो दहन का

आस्थाओं के दमन का

कुटिलता के नाश का दिन

भक्ति के विश्वास का दिन

शक्ति के उस परिक्षण में

जीत भी है ,हार भी है

आज नारी दिवस भी है,

होलिका त्योंहार भी है

आग भी है, फाग भी है

जलन है अनुराग भी है

दाह भी है, डाह भी है

चाह भी है, आह भी है

अजब है संयोग देखो,

प्यार है,प्रतिकार भी है

आज नारी दिवस भी है,

होलिका त्योंहार भी है

आज उत्सव है मदन का
पर्व है ये मधु मिलन का
प्रीत का,मनमीत का दिन
मचलते संगीत का दिन
आज रंगों में बरसता,
प्यार है,मनुहार भी है
आज नारी दिवस भी है,
होलिका त्योंहार भी है

मदन मोहन बाहेती’घोटू’

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