सपने आपके-मुसीबत बच्चों की

कितनी ही आकांक्षाएं ,आपके बचपन में थी

जो कि पूरी हो न पायी,कामनाये मन में थी

चाहते है आप,बच्चा आपका पूरी करे

आपके सपने अधूरों में वो नवजीवन भरे

डांस,गाना,क्रिकेट ,जुडो,सभी में परफेक्ट हो

सभी फील्डों में सफलता,एक बस ऑब्जेक्ट हो

बाप चाहे,बने वो,आइ आइ टी इंजीनियर

चाहती माँ, जाय वो बन,कोई ऊंचा डाक्टर

जाए फारेन ,डालरों में,कमाई पैसा करे

नाम उनका करे रोशन,काम कुछ एसा करे

छोटे से बच्चे से इतनी अपेक्षाए मत करो

उसके नाजुक कन्धों पर तुम,बोझ मत इतना धरो

करो कोशिश जानने की,उसके मन की चाह क्या

किस तरफ है लगन उसकी,ढूंढता वो राह क्या

अपने सपने उस पे मत थोंपो वो कुम्हला जाएगा

मज़े बचपन के भला वो किस तरह पा पायेगा

मत करो स्पून फीडिंग,पीने दो तुम खुद उसे

अपना जीवन ,अपने ढंग से,जीने दो तुम खुद उसे

फ्रेंड उसके ,फिलासफर और गाईड तुम बनो
उसे प्रोत्साहित करो,मत राह का रोड़ा बनो
क्योकि उसको ,जिंदगी की दौड़ में बढ़ना है खुद
और अपनी सब लड़ाई ,को उसे लड़ना है खुद
आपके सपनों में बच्चा ,इस कदर पिस जाएगा
ना इधर का रहेगा ना उधर का रह पायेगा

मदन मोहन बाहेती’घोटू’

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