हे भगवान्!ये क्या हो रहा है?

हे भगवान्! ये क्या हो रहा है

शासन करने वाले माल लूट रहे है,

और बेचारा आम आदमी रो रहा है

सत्ता से जुड़े लोग,और जो उनके सगे है

सब अपनी अपनी तिजोरियां भरने में लगे है

कोई करोड़ों की रिश्वतें खा रहा है

कोई अपने दामाद को फायदा पहुंचा रहा है

सत्ता में हो या विपक्ष

सब का है एक ही लक्ष्य

जितना हो सके देश को लूट लें

पता नहीं बाद में ये मौका मिले ,ना मिले

तुम करो मेरे चार काम

मै करूं तुम्हारे चार काम

‘ओपोजिशन ‘ तो दिखने का है

हमारा मुख्य ध्येय तो पैसा कमाने का है

देश की जमीन है,
थोड़ी मै अपने नाम करवालूँ
थोड़ी तुम अपने नाम करवालो
आधी मै खालूं,आधी तुम खालो
मिलजुल कर जमाने में गुजारा करलो
और अपनी अपनी तिजोरियां भरलो
एक मंत्री ,विकलांगों के नाम पर,
झूंठे दस्तावेजों से,लाखों रूपये उठाता है
और कोई जब ये तथ्य सामने लाता है
तो देश का कानून मंत्री,
कानून को ताक पर रख कर,उसे धमकाता है
मेरे विरुद्ध यदि कुछ बताओगे
और मेरे क्षेत्र में आओगे
तो देखते है कैसे वापस जा पाओगे
कानून का मंत्री खुले आम,
कानून की धज्जियाँ उड़ा देता है
और इस पर देश का दूसरा मंत्री ,
(जो कोयले की दलाली में खुद काला है)
ये प्रतिक्रिया देता है
केन्द्रीय मंत्री सिर्फ लाखों में करे घोटाला ,
इस बात पर विश्वास नहीं कर,सकता कोई समझवाला
अरे केन्द्रीय मंत्रियों का स्टेंडर्ड तो है,
करने का करोड़ों का घोटाला
मंहगाई का दंश गरीब झेल रहे है
और राजनेता करोड़ों में खेल रहे है
अब तो तेरे अवतार लेने का सही टाईम आगया है ,
और तू सो रहा है
हे भगवान!ये क्या हो रहा है?

मदन मोहन बाहेती’घोटू’

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