भगवान और गूगल अर्थ

‘फेसबुक ‘की तरह होता खुदा का दीदार है,
मंदिरों में हमें दिखता ,देव का दरबार है
बजा कर मंदिर में घंटी,फोन करते है उसे ,
बात सबके दिल की सुनता ,वो बड़ा दिलदार है
मन्त्र से और श्लोक से हम ,’ट्विट ‘ करते है उसे ,
आरती ‘यू ट्यूब ‘से करता सदा स्वीकार है
भले ‘गूगल अर्थ’बोलो या कि तुम ‘याहू’कहो,
‘अर्थ’ये उसने रची है, उसी का संसार है

घोटू

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