क्यों होता है ऐसा ?

क्यों होता है ऐसा ये मालूम नहीं है
लेकिन ऐसा होता है ये बात सही है
एक बार जब आकर लस जाता है आलस
उठने की कोशिश करो,झपकी आती बस
मन करता बस लेटे रहो ,रजाई ओढ़े
सुस्ती साथ न छोड़े,बीबी हाथ न छोड़े
सर्दी के मौसम में होता सदा यही है
क्यों होता है ऐसा ,ये मालूम नहीं है
देख किसी सुन्दर ललना को दिल ललचाये
उससे करें दोस्ती और मिलना मन चाहे
तुम्हे पता है ,तुम बूढ़े हो,वो जवान है
लार मगर फिर भी टपकाती ये जुबान है
ग़ालिब ने सच कहा ,इश्क पर जोर नहीं है
क्यों होता है ऐसा ये मालूम नहीं है
देख देख कर,दुनिया भर के ये आकर्षण
ये भी पा लूं,वो भी पा लूं,करता है मन
जब कि पता है ,तुम्हारी जेबें है खाली
पेट भरेगी ,दाल और रोटी , घर वाली
मगर लालसा करने पर तो रोक नहीं है
क्यों होता है ऐसा ये मालूम नहीं है

मदन मोहन बाहेती’घोटू’

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