मिठाई और घी -खूब खा और खुश होकर जी

हमारे डाक्टर साहब ने हमें चेक किया ,

और सलाह दी

खाना बंद करो मख्खन,शक्कर और घी

और मिठाइयाँ ,जैसे गुलाबजामुन और जलेबी

वर्ना हो जायेगी ‘ओबेसिटी’

बदन हो जाएगा भारी

और लग जायेगी ‘डाइबिटीज ‘की बिमारी

हमने कहा’डाक्टर साहब ,

हमें बतलाइये एक बात

हमारे श्री कृष्ण भगवन

बचपन से ही खूब खाते थे ,

दूध,दही,मिश्री और मख्खन

तभी इतनी ताकत आई थी कि ,

उंगली पर उठालिया था गोवर्धन

और किया था कंस का हनन

इतनी गोपियों के संग रचाते थे रास

आठ पटरानियो के ह्रदय में करते थे वास

सोलह हज़ार रानियों के थे पति

अच्छे खासे ‘स्लिम’ थे,

उन्हें तो कोई बिमारी नहीं लगी

हमारे गणेशजी भगवान,गजानन कहलाते

जम कर के खूब मिठाई है खाते

लड्डू और मोदक का भोग है लगाते

और हर कार्य में पहले है पूजे जाते

तो मख्खन मिश्री खानेवाले कृष्ण भगवान कहाते है

और मोदक प्रेमी गजानन ,अग्र देव बन पूजे जाते है

ये सब मख्खन और मिठाई की महिमा है

और हमें आप कहते है ,ये खाना मना है

हमारा मन तो ये कहता है ,

मख्खन,मिठाई और घी

जी भर के खा ,और खुश होकर जी

मदन मोहन बाहेती’घोटू’

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