दूल्हे की हौसला अफजाई

जिन्दगी सारी ही तुझको ,सर झुका के काटनी ,
आज तो तू बैठ ले ,घोड़ी पे रह कर के तना
एक दिन तो शेर बन जा,शेरवानी पहन कर ,
पूरा जीवन ,गीदड़ों की तरह ही है काटना
सेहरे से ,तेरा चेहरा ,ढक रखा है इसलिये ,
उडती रंगत ,परेशानी ,कोई पाए भांप ना
हौसला अफजाई को इतने बाराती साथ है ,
डालने में ,वधूमाला ,हाथ जाए काँप ना

मदन मोहन बाहेती’घोटू’

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