बूढ़े नेता
अक्सर ये देखा है ,
फूल जो गंधहीन होते है ,
ज्यादा समय तक ,
खिले रहते ,टिकते है
कई तो बारह माह ही विकसते है
और खुशबू वाले फूल ,जो अपनी सुगंध से ,
वातावरण को महकाते है
जल्दी से मुरझाते है ,
या तोड़ लिए जाते है
तो श्रीमान ,
अब तक तो आप गए होंगे जान
कि मानवता और संवेदनशीलता की,
खुशबू से विहीन ,हमारे नेता ,
बूढ़े होने पर भी ,सत्ता की टहनी पर ,
क्यों रहते है विराजमान

मदन मोहन बाहेती ‘घोटू’

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