उनकी हया और शर्म का ,अंदाज निराला
आये है स्विमिंग पूल में और बुर्का है डाला
कहने को तो आये है हनीमून मनाने
अपने पति को देते ना घूंघट वो उठाने
चाहे है आम चूसना ,ले ले के वो मजे
बिगड़े न लिपस्टिक कहीं और लब रहे सजे
गीले भी नही हो और नहाने की तलब है
‘घोटू’इन हुस्नवालों का ,अंदाज गजब है

मदन मोहन बाहेती’घोटू’

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