उतार चढाव

उठता है जो कोई तो फिर गिरता भी कोई है,
डालर चढ़ा तो रुपैया धडाम हो गया
मोदीजी की पतंग जो ऊपर को उड़ गयी ,
अडवानी जी का थोड़ा नीचा नाम हो गया
गुस्से में बौखला के उनने स्तीफा दिया ,
सपना पी एम बनने का ,तमाम हो गया
मोहन ने ऐसी भागवत है कान में पढी,
फिर से पुराना वो ही ताम और झाम हो गया
मदन मोहन बाहेती’घोटू ‘

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