कभी जाती हो चली और कभी आ जाती हो तुम
मुझसे आँख मिचौली करती ,बहुत तड़फाती हो तुम
जब भी मै छूता तुझे ,तो झटका देती हो मुझे ,
दिलरुबा बोलूँ की या फिर ,कहूँ मै बिजली तुझे
‘घोटू ‘

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