हाले चमन

था खूबसूरत ,खुशनुमा,खुशहाल जो चमन ,
भंवरों ने रस चुरा चुरा ,बदनाम कर दिया
कुछ उल्लुओं ने डालों पे डेरे बसा लिए,
कुछ चील कव्वों ने भी परेशान कर दिया
था खूबसूरत,मखमली जो लॉन हरा सा ,
पीला सा पड गया है खर पतवार उग गये ,
माली यहाँ के बेखबर ,खटिया पे सो रहे ,
गुलजार गुलिस्ताँ को बियाबान कर दिया

मदन मोहन बाहेती’घोटू’ –

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