तीन युगल त्रिपदियां

प्रथम

चार पहियों के नीचे ,
चार नीबू शहीद हुए ,
किसी की नयी कार आयी

वधू का बाप ,
भारी कर्ज से लदा ,
वर के घर,बहार आयी

द्वितीय

सास के चेहरे पर ,
छाई हुई उदासी ,
बहू ने बेटी जनी

मातृत्व सुख पाकर भी,
सहमी सी बहू है ,
थोड़ी सी अनमनी

तृतीय

सब कुत्ते भोंक रहे ,
लगता है गली में ,
आया है नया कुत्ता

देश के कर्णधार ,
देश की संसद में ,
हो रहे गुत्थमगुत्था

मदन मोहन बाहेती’घोटू’

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