जाने क्या मैंने कही ——- —-जाने क्या तूने कही

तुम मेरा सच्चा पेशन हो —–तुम उम्र भर की पेंशन हो
तुम मेरी स्वीट हार्ट हो ——तुम मेरा क्रेडिट कार्ड हो
तुम मेरे जीवन का हर्ष हो —- तुम मेरा प्रीविपर्स हो
तुम खुशियों की खान हो ——तुम सोने की खदान हो
तुम स्वादिष्ट और लजीज हो —-तुम बड़े कामकी चीज हो
तुम मेरे दिल की रानी हो ——-तुम बहुत बड़ी हैरानी हो
तुम मर्सीडीज कार सुन्दर हो —तुम ट्रक का पुराना मॉडल हो
तुम पूनम चाँद सी ब्राइट हो —- तुम फ्यूज होती ट्यूब लाइट हो
तुम चटपटी केरी मज़ेदार हो —तुम आम का पुराना अचार हो
तुम स्वाद माखनी दाल हो ——तुम बेंगन का भड़ता ,कमाल हो
तुम मदिरा की बोतल हसीन हो —तुम बोतल में बंद जिन हो
हम कितने विपरीत नज़र आते है –पर एक दूजे के काम आते है
तभी तो जीवन साथी कहलाते है
मदन मोहन बाहेती’घोटू’

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