न्यूक्लियर फॅमिली

मियां और बीबी दोनों आजकल ,इतना कमाते है
दिन भर काम करते ,रात तक हो पस्त जाते है
नहीं हिम्मत किसी में कि पकाये गर्म वो खाना ,
गरम कर माइक्रो में फ्रीज़ का ,खाना वो खाते है
नहीं है चैन ना आराम इतने व्यस्त रहते है ,
प्यार करने का बस दस्तूर वे केवल निभाते है
एक सन्डे ही मिलता है ,देर तक उठते है सो कर ,
किसी होटल में जाकर गर्म खाना ,मिल के खाते है
अगर बच्चा हुआ पैदा ,कौन, कैसे ,संभालेगा ,
इसलिए बच्चे के ही नाम से वो घबरा जाते है
लगाई उनसे उम्मीदें थी उनके मम्मी पापा ने ,
मदर और फादर डे पर ,कार्ड देकर के निभाते है
है ‘घोटू’ न्यूक्लीयर बम से खतरा सारी दुनिया को ,
मगर हम ‘न्यूक्लीयर फॅमिली’को खतरा बताते है

मदन मोहन बाहेती’घोटू’

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