घोटू के पद

मैया,बहुत बुरे दिन आये
ऐसे काटे पर जनता ने ,अब हम उड़ ना पायें
चौंवालीस पर सिमट गए हम,इतने नीचे आये
अपनी ही करनी का फल है ,क्या होगा पछताये  
कभी बोलती थी तूती  अब ‘फुस’भी नहीं सुनाये
जो चमचे मुंह खोल न पाते ,अब खुल कर चिल्लाये
अपनी ही पार्टी वाले अब ,’जोकर’मुझे  बताये
बेटे फेर समय का है ये तू क्यों दिल पर लाये  
‘जोकर’मतलब ‘जो कर सकता’मम्मी जी’समझायें
फिर से अच्छे दिन आएंगे,जब तू ब्याह रचाये  

घोटू
 

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