Archive for July, 2014


इन्तजार
थे बच्चे भूख जब लगती ,हम रोते और मचलते थे,
दूध अम्मा पिलाएगी ,यही इन्तजार करते थे
बड़े होकर गए स्कूल,न मन लगता पढाई में ,
बजे कब छुट्टी की घंटी,यही इन्तजार करते थे
मोहब्बत की जवानी में,किसी के प्यार में डूबे,
हमेशा माशुका से मिलन का, इन्तजार करते थे
गृहस्थी का पड़ा जब बोझ,तो फिर मुश्किलें आई,
कभी आएंगे अच्छे दिन,यही इन्तजार करते थे
रहा इन्तजार जीवन भर,कभी इसका,कभी उसका ,
सिलसिला अब बुढ़ापे में ,भी वो का वो ही जारी है
जिंदगी के सफर का अब,अंत नजदीक आने को ,
न जाने मौत कब आये,उसी की इंतजारी है

मदन मोहन बाहेती’घोटू’

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मोमबत्ती जल रही है

आजकल इस देश में क्या हो रहा है,
नहीं कोई की समझ में आ रहा है
लोग कहते हम तरक्की कर रहे है,
रसातल पर देश लेकिन जा रहा है
दो बरस की नन्ही हो मासूम बच्ची ,
या भले बुढ़िया पिचासी साल की है
हो रही है जबरजस्ती सभी के संग ,
दरिंदों के हाथों ना कोई बची है
पाशविक अपनी पिपासा पूर्ण करके ,
मार देते,पेड़ पर लटका रहे है
आजकल तो इसतरह के कई किस्से,
रोज ही सबकी नज़र में आरहे है
कोई साधू कर रहा है रासलीला,
कोई नेता ,लड़कियों को रौंदता है
और सुरक्षा के लिए तैनात है जो,
पुलिसवाले ,थाने में करते खता है
नौकरी का देके लालच कोई लूटे,
कोई शादी का वचन दे और भोगे
कोई शिक्षागृहों में कर जबरजस्ती,
खेलता है नन्ही नन्ही बच्चियों से
मामला जब पकड़ता है तूल ज्यादा,
कान में सरकार के जूँ रेंगती है
दे देती मुआवजा कुछ लाख रूपये ,
अफसरों को ट्रांसफर पर भेजती है
नेता करने लगते है बयानबाजी,
देश है इतना बड़ा ,क्या क्या करें हम
अपराधी है अगर नाबालिग बचेगा,
इस तरह अपराध क्या होंगे भला कम
आज ये हालात है अस्मत किसी की,
किस तरह से भी सुरक्षित है नहीं अब
किस तरह इस समस्या का अंत होगा,
किस तरह हैवानगी यह रुकेगी सब
रोज ही ये वारदातें हो रही है ,
और मानवता सिसकती रो रही है
और नेता सांत्वना बस दे रहे है,
सभी शासन की व्यवस्था सो रही है
देश के नेता पड़े कर बंद आँखें,
जागरूक जनता प्रदर्शन कर रही है
किन्तु होता सिर्फ ये कि पीड़िता की,
याद में कुछ मोमबत्ती जल रही है

मदन मोहन बाहेती’घोटू’


लड़ाई और प्यार

चम्मच से चम्मच टकराते,जब खाने की टेबल पर ,
तो निश्चित ये बात समझ लो,खाना है स्वादिष्ट बना
नज़रों से नज़रें टकराती,तब ही प्यार पनपता है ,
लडे नयन ,तब ही तो कोई ,राँझा कोई हीर बना
एक दूजे को गाली देते ,नेता जब चुनाव लड़ते ,
मतलब पड़ने पर मिल जाते ,लेते है सरकार बना
मियां बीबी भी लड़ते है,लेकिन बाद लड़ाई के,
होता है जब उनका मिलना,देता प्यार मज़ा दुगुना

घोटू


बूढ़ों में भी दिल होता है

होता सिर्फ जिस्म बूढा है,
जो कुछ नाकाबिल होता है
पर जज्बात भड़कते रहते,
बूढ़ों में भी दिल होता है
सबसे प्यार महब्बत करना
और हुस्न की सोहबत करना
ताक,झाँक,छुप कर निहारना
चोरी चोरी ,नज़र मारना
जब भी देखें , फूल सुहाना
भँवरे सा उसपर मंडराना
सुंदरता की खुशबू लेना
प्यार लुटाना और दिल देना
ये सब बातें, उमर न देखे
निरखें हुस्न ,आँख को सेंकें
दिल पर अपने काबू रखना ,
उनको भी मुश्किल होता है
बूढ़ों में भी दिल होता है
उनके दिल का मस्त कबूतर
उड़ता रहता नीचे , ऊपर
लेता इधर उधर की खुशबू
करता रहता सदा गुटरगूं
घरकी चिड़िया रहती घर में
खुद उड़ते रहते अम्बर मे
चाहे रहती, ढीली सेहत
पर रहती अनुभव की दौलत
काम बुढ़ापे में जो आती
उनकी दाल सदा गल जाती
दंद फंद कर के कैसे भी ,
बस पाना मंज़िल होता है
बूढ़ों में भी दिल होता है
जब तक रहती दिल की धड़कन
तब तक रहता दीवानापन
भले बरस वो ना पाते है
लेकिन बादल तो छाते है
हुई नज़र धुंधली हो चाहे
माशूक ठीक नज़र ना आये
होता प्यार मगर अँधा है
चलता सब गोरखधंधा है
भले नहीं करते वो जाहिर
अपने फ़न में होते माहिर
कैसे किसको जाए पटाया,
ये अनुभव हासिल होता है
बूढ़ों में भी दिल होता है

मदन मोहन बाहेती’घोटू’


ऐसा भी होता है

चाहते हैं लोग बिस्कुट कुरकुरे,
भले चाय में भिगो कर खाएंगे
कितनी ही सुन्दर हो पेकिंग गिफ्ट की,
मिलते ही रेपर उतारे जाएंगे
पहनती गहने है सजती ,संवरती ,
है हरेक दुल्हन सुहाग रात को,
जबकि होता है उसे मालूम ये,
मिलन में, ये सब उतारे जाएंगे

घोटू

जन्म दिन तुमको मुबारक


         जन्म दिन तुमको मुबारक

            लाड़ हो ,दुलार हो तुम
            प्यार का  संसार हो तुम
            गुंजाते किलकारियों से
            हमारा घर बार हो तुम –जन्मदिन तुमको  मुबारक
           पापा मम्मी को नचाते
           दादा दादी को हँसाते
           साल भर से हम मनाते ,
           वो खुशी,त्यौहार हो तुम —जन्मदिन तुमको मुबारक
            सदा चमको ,शौर्य बनके
           रहो तुम सिरमौर्य बनके
            है यही अरमान मन के
           कि सदा खुश हाल हो तुम —-जन्मदिन तुमको मुबारक
            मिले खुशियां तुम्हे हरदम
              और महके सदा जीवन  
                दुआएं ये ही करें हम,
               उम्र में सौ साल हो तुम—–जन्मदिन तुमको मुबारक